दूर कही एक राज्य था । उस राज्य को रानी चलाती थी। एक दिन सीमा नाम की लड़की रानी के पास रोते हुए आई और बोली, महारानी आज मेरे साथ काफी बुरा हुआ, मेरी मदत कीजिये। रानी ने सीमा से पूरी बात विस्तार मैं बताने को कहा। तब सीमा ने बताया की एक लड़का है जो उसे रोज छेड़ता है और आज तो उसने सबके सामने उसका बहुत अपमान किया। ये सुनने के बाद रानी का पारा काफी चढ़ गया और उसने अपने सिपाईयो से उस लड़के तो पकड़ के लाने को कहा। कुछ देर के बाद सिपाईयो ने उस लड़के को सभा के बिच मैं लाकर खड़ा कर दिया। रानी काफी गुस्से मैं थी और बोली , तुमने इस लड़की के साथ छेड़खानी की ? लड़का ने मुस्कुराते हुए कहा , नहीं मैं तो सिर्फ मज़ाक कर रहा था। ये सुनकर सीमा और भी रोने लगी। रानी ये देख कर और भी गुस्से मैं आगई और बोली, तुमने मजाक नहीं इस लड़की का अपमान किय है। अब इसकी सज्जा तो तुमको मिलने ही है। सुनकर लड़का थोड़ा घबरा गया और रानी से माफ़ी मांगने लगा। पर अब बहुत देर हो चुकी थी। रानी ने उसके एक सपाई से उस्तरा लाने को कहा। सपाई भी तुरंत जाके उस्तरा ले आया। फिर रानी ने वो उस्तरा सीमा के हाथ मैं दिया और कहा , इसने तुम्हारा मजाक बनाया था ना, अब तुम्हारी बारी है इसका मजाक बनाने की। लो ये उस्तरा और इसे पूरा टकला कर दो। ध्यान रहे एक भी बाल नहीं बचना चाहिए इसके सर पर। ये सुनते ही लड़का रानी के सामने रोने लगा और माफ़ी मांगने लगा पर रानी नहीं मानी। फिर सीमा ने उस्तरा अपने हाथो मैं लिया और उस लड़के के सामने कड़ी हो गई। फिर सीमा ने उसे निचे बैठने को कहा पर वो लड़का नहीं माना। तब एक सपाई ने उस लड़के पैरो पर जोरसे मारा और उसे घुटने पर बैठा दिया। अब सीमा के सामने उस लड़के का सर था। सीमा ने उस्तरा उस लड़के के सर पर रखा और सामने के और चलाने लगी। उस लड़के के बाल ज़मीन पर गिर रहे थे और उसके सर पर टकला साफ़ दिख रहा था। सीमा उस्तरा चलाती रही जब तक उसका ऊपर का हिस्सा पूरा साफ़ नहीं हुआ। फिर उसके पीछे जाके खड़ी हो गई और पीछे से टकला करना शुरू किया। सभा मैं साडी लड़किया उस लड़के पर हस रही थी। कुछ लड़किया तो चीला भी थी की उसे पूरा टकला कर्दो। कुछ ही देर मैं उस लड़के का सर पूरा सफाचट साफ़ होचुका था। उसका टकला काच की तरह चमक रहा था। फिर रानी नहीं कहा , तुम्हारी सजा पूरी नहीं हुई है अब तक। सीमा अगले सात महीनो तो तुम्हे हर हफ्ते टकला करेगी और तुम बिना कुछ बोले सीमा से टकला करवाओगे। अगर तुमने इस सजा की ना फ़रमानी की तो अंजाम बहुत बुरा होगा। लड़के की रानी के सामने बोलने की हिम्मत ही नहीं हुई। उस दिने अगले सात सीमा हर हफ्ते उसे सर पर उस्तरा फिरके आती।
उस लड़के के सर पर बाल आने भी काम होगये है अब। इसलिए अब वह खुद ही रोज टकला करवा लेता है।

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